Wednesday, July 29
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उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री ने राज्यपाल से की भेंट

उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री ने राज्यपाल से की भेंट

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इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े कई पारस्परिक हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क सम्पर्क को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया ताकि परिवहन व्यवस्था में सुधार हो सके और स्थानीय निवासियों तथा पर्यटकों की यात्रा अधिक सुगम बने।राज्यपाल ने कहा कि दोनों हिमालयी राज्यों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ईको-टूरिज्म स्थलों तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आधारभूत ढांचे का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी। स्थानीय समुदायों को कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी और दोनों राज्यों के लोगों के बीच आपसी सम्पर्क और मजबूत होगा।  उन्होंने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की साझा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर भी चर्चा की। साथ ही पर्यटन,...
मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में सभी उपायुक्तों को भूमि की वेरिफिकेशन करने के निर्देश

मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में सभी उपायुक्तों को भूमि की वेरिफिकेशन करने के निर्देश

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राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक व औद्योगिक प्रशिक्षण एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे। सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।बैठक में अवगत करवाया गया कि उद्योग विभाग के पास 849 हेक्टेयर, तकनीकी शिक्षा विभाग के पास 70 हेक्टेयर, शिक्षा विभाग के पास 50 हेक्टेयर, पर्यटन विभाग के पास 160 हेक्टेयर, परिवहन विभाग के पास 11 हेक्टेयर और पंचायती राज विभाग के पास 20 हेक्टेयर अनयूटिलाइज्ड लैंड है।बैठक में सभी उपायुक्तों को शेष बची एंट्रीज को जल्द दर्ज करवाकर उनकी वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को चार्ट सर्कुलेट किया जाएगा, जिससे वे अपनी भूमि को वेरिफाई कर सकें।इसके अतिरिक्त सभी पीएसयू को दी गई भूमि का ब्यौरा भी...
महाराष्ट्र की मंडियों में पहुंचा बल्ह व सुन्दर नगर का प्लम: एचपी शिवा परियोजना ने दिलाई नई पहचान

महाराष्ट्र की मंडियों में पहुंचा बल्ह व सुन्दर नगर का प्लम: एचपी शिवा परियोजना ने दिलाई नई पहचान

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कृषि-बागवानी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में “सुक्खू सरकार” के प्रयास अब धरातल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। विशेषतौर पर बागवानी में आए क्रांतिकारी बदलाव ने ग्रामीणों की आय में कई गुना बढ़ोतरी सुनिश्चित की है। हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन  (एचपी शिवा) परियोजना के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन से यह संभव हो सका है।   मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बागवानी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। हिमाचल प्रदेश के निचले और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों को बागवानी के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में एचपी शिवा परियोजना के तहत उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हो रही है। मंडी जिले के विकास खंड बल्ह के बृखमणी क्लस्टर तथा सुंदरनगर के खग्राओं क्लस्टर में तै...
खेत बचाओ अभियान के तहत व्यापक जागरूकता अभियान शुरूः राकेश पटियाल

खेत बचाओ अभियान के तहत व्यापक जागरूकता अभियान शुरूः राकेश पटियाल

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मंडी 02 जून। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) परियोजना के तहत मंडी जिला में खेत बचाओ अभियान का शुभारम्भ कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से गत दिवस किया गया। परियोजना निदेशक (आत्मा) राकेश पटियाल ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 1 जून से 30 जून, 2026 तक यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज बल्ह उपमंडल की ग्राम पंचायत बैहल, पस्ता और सदर की रंधाड़ा में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है। इसके अंतर्गत किसानों को मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, हरी खाद के उपयोग तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम, क...
आम के 25,625 पौधों से संवरेगी 41 हेक्टेयर भूमि, जागर बना हिमाचल का पहला मैंगो क्लस्टर

आम के 25,625 पौधों से संवरेगी 41 हेक्टेयर भूमि, जागर बना हिमाचल का पहला मैंगो क्लस्टर

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मंडी, 02 जून। प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के अंतर्गत जिला मंडी के जागर क्षेत्र में प्रदेश के पहले आम (मैंगो) क्लस्टर की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। लगभग 41 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस क्लस्टर में आगामी वर्षा ऋतु के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली आम की उन्नत किस्मों के कुल 25,625 पौधे रोपे जाएंगे। भूमि विकास कार्य के शुभारंभ अवसर पर बागवानी विभाग मंडी जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. सुबोध शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जागर क्षेत्र के किसानों ने जिस एकजुटता और सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया है, वह अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरक है। आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलती है तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्हों...
राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक ने राज्यपाल से भेंट की

राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक ने राज्यपाल से भेंट की

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राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी शिमला के महानिदेशक एस. आलोक ने आज लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भेंट की।इस अवसर पर एस. आलोक ने राज्यपाल को भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग तथा अन्य संस्थानों के अधिकारियों के लिए अकादमी द्वारा संचालित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं अनुसंधान संबंधी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य अधिकारियों की पेशेवर दक्षता, वित्तीय जवाबदेही तथा सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करना है।राज्यपाल ने कौशल विकास, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने में अकादमी के योगदान की सराहना करते हुए उसके भावी प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।...
वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए टोंगलेन ट्रस्ट को हर संभव सहयोग देगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए टोंगलेन ट्रस्ट को हर संभव सहयोग देगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

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टोंगलेन ट्रस्ट धर्मशाला के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज ट्रस्ट के निदेशक थेरचिन ग्याल्तसेन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ट्रस्ट द्वारा संचालित विद्यालय के लिए भूमि पट्टे की मांग से अवगत करवाया। यह विद्यालय वंचित एवं बेसहारा बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहा है।मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन् दिया। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री ने वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों के कल्याण के लिए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और मानवीय सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहल समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में...
मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल

मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल

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प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं और इनसे उत्पन्न गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए जन सुरक्षा एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार सक्षम व प्रतिरोधी अधोसरंचना के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में सरकार ने 2,688 करोड़ रुपये की ‘‘हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी’’ (एचपी-रेडी) परियोजना शुरू की है, इसका उद्देश्य प्रदेशभर में आपदा-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। यह परियोजना जनवरी 2026 से नवंबर 2030 तक लागू की जाएगी और इसमें आपदा से निपटने की तैयारी, आपदा न्यूनीकरण तथा पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित है और प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में 66 से अधिक बादल फटने की घट...
राज्यपाल ने स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया

राज्यपाल ने स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया

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राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन से जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया। यह अभियान 1 जून से 15 जून, 2026 तक प्रदेश भर में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक डिजिटल पोर्टल पर स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेशवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक, जनगणना संचालन, हिमाचल प्रदेश, दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने राज्यपाल को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया तथा इसके विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।राज्यपाल ने प्रक्रिया को पूर्ण करने के उपरांत जनगणना के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या संबंधी आंकड़े एकत्रित करने की प्रक्रिया नहीं ...
जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है- राज्यपाल

जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है- राज्यपाल

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शिमला 1 जून 2026। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े देश और प्रदेश की नीतियों, विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संसाधनों के वितरण और शहरी योजना जैसे अनेक क्षेत्रों में जनगणना की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने आज जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के स्व गणना अभियान का शुभारंभ करते हुए यह संदेश दिया। राज्य की जनता के नाम इस संदेश में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, हमारे देश का एक सुंदर पहाड़ी राज्य है जोकि इस प्रक्रिया में विशेष महत्व रखता है। आपकी दी गई सही जानकारी न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास की दिशा तय करने में मदद करेगी। राज्यपाल ने बताया कि जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है...